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भारत में साइबर अपराध की रिपोर्ट कैसे करें

यदि आप साइबर अपराध जैसे घोटाले, फिशिंग, पहचान की चोरी, हैकिंग, घृणा, अवैध चित्र, ग्रूमिंग आदि के शिकार हैं, तो भारत में साइबर पुलिस को इसकी सूचना देने के दो तरीके हैं।

आप राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से सभी साइबर अपराध की रिपोर्ट कर सकते हैं या, यदि आप धोखाधड़ी के शिकार हैं, तो आप सिटिज़न फाइनेंसियल साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम को कॉल कर सकते हैं।

राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल

Three illegal Call Centres duping foreigners in the name of Social Security Number and Amazon/Apple Tech Support, busted by CyPAD Unit of Dehli Police. 37 arrested. Had cheated their victims of over ₹ 12 Crore. 56 Desktops and over 40 phones seized.
ऑनलाइन घोटाला करते स्कैमर्स पकड़े गए। दिल्ली पुलिस की CyPAD यूनिट द्वारा पर्दाफाश किया गया। उन्होंने लगभग 12 करोड़ का घोटाला किया था। डीसीपी, साइबर अपराध

यदि आप किसी भी प्रकार के साइबर अपराध का शिकार हैं या किसी अपराधी की शिकायत करना चाहते हैं, तो राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in/ का उपयोग करें।

आप अपने मामले को गुमनाम रख सकते हैं या “रिपोर्ट और ट्रैक” कर सकते हैं।

आपको भारतीय मोबाइल नंबर के साथ पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा और शिकायत दर्ज करने के लिए ओ.टी.पी. जमा करना होगा।

अपराध के बारे में अधिक से अधिक जानकारी जमा करें। अधिक जानकारी और बेहतर सबूत। सफलता के लिए, आपको बेहतर जानकारी देकर पॉलिस का काम आसान और संभव बनाना होगा।

आपको कौन से दस्तावेज जमा करने चाहिए?

  • अपराधी के साथ ईमेल और चैट की कॉपी
  • अपराधी का मोबाइल नंबर
  • घोटाले की वेबसाइट का URL
  • क्रेडिट कार्ड की रसीदें, बैंक स्टेटमेंट, अन्य रसीदें
  • चित्र या वीडियो जो अपराधी ने आपको भेजे हैं
  • किए गए अपराधों का स्क्रीनशॉट
  • तारीखों के साथ अपराध की सारी जानकारी

सिटिज़न फाइनेंसियल साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम

भारत में ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होने पर अब आपके पैसे वापस मिलने की उम्मीद है। ओ.एल.एक्स और नौकरी जैसी साइटों पर घोटाले भारत में बढ़ रहे हैं। इनसे बचने के लिए मैंने कई यूट्यूब भी वीडियो बनाए हैं।

भारत में ओ.एल.एक्स स्कैमरों से सावधान!

यदि आपके ऑनलाइन पैसे चोरी हुए हैं, तो तुरंत 155260 पर “सिटीजन फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम” पर कॉल करें।

अगर ऑनलाइन फ्रॉड हो जाए, तो फौरन डायल करें 155260. DCP Cybercrime.
अगर ऑनलाइन फ्रॉड हो जाए, तो फौरन डायल करें 155260. DCP Cybercrime.

वर्तमान में, यह हेल्पलाइन केवल दिल्ली और राजस्थान के निवासियों के लिए उपलब्ध है। कुछ समय बाद और राज्यों को जोड़ा जायेगा।

हेल्पलाइन बैंक को पैसे के ट्रांसफर को रोकने के लिए सतर्क करेगा। लेकिन आपको 2-3 घंटे के भीतर धोखाधड़ी की सूचना देनी होगी।

जब आप फोन करेंगे तो वे आपका नाम, फोन और धोखाधड़ी की जानकारी लेंगे। पुलिस के लिए यह प्रमाण भी तैयार रखें:

  • बैंक / वॉलेट / मर्चेंट का नाम जिसमें से राशि ली गई है
  • खाता संख्या / वॉलेट आई.डी. / मर्चेंट आई.डी. / यू.पी.आई. आई.डी. जिसमें से राशि ली गई है
  • ट्रांसैक्शन आई.डी.
  • डेबिट या क्रेडिट कार्ड नंबर (यदि इन माध्यमों से चोरी हुई है)
  • ट्रांसैक्शन का स्क्रीनशॉट या धोखाधड़ी से संबंधित कोई अन्य छवि

यदि आप हेल्पलाइन को त्वरित रूप से कॉल करते हैं, तो संभावना है कि भारतीय पुलिस आपके बैंक को कॉल करके और ट्रांसैक्शन को रोककर आपके पैसे वापस करवा सकती है।

मैं आप सभी को शुभकामनायें देता हूँ और मुझे आशा है कि आपको न्याय मिलेगा! सुरक्षित रहें और ऑनलाइन किसी पर भी भरोसा न करें।

देखिये ओ.एल.एक्स घोटाला कैसे किया जाता है।

By Karl Rock

Karl Rock is a Hindi speaking expat who left his career and life behind in New Zealand to take viewers behind the scenes of incredible India.

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