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पिछले २६९ दिनों में मैं अपनी पत्नी से क्यों नहीं मिला #ब्लैकलिस्ट

मेरा नाम कार्ल रॉक है और भारत सरकार ने मुझे मेरी पत्नी और मेरे परिवार से अलग करते हुए मुझे भारत लौटने से रोक दिया है।

तो, मैं कौन हूँ? क्या हुआ? और ऐसा क्यों हुआ?

This post is also available in English.

मैं कौन हूँ?

मैं एक कंटेंट क्रिएटर हूँ। मैं भारत के अविश्वसनीय यात्रा स्थलों के बारे में वीडियो बनाता हूँ, और पर्यटकों को बताता हूँ कि भारत में सुरक्षित यात्रा कैसे करे, मैं लोगों को घोटालों से बचने में मदद करने के लिए अंग्रेज़ी और हिंदी दोनों में वीडियो बनाता हूँ। मैं अपने जीवन और परिवार के बारे में भी वीडियो बनाता हूँ।

मैं और मेरी पत्नी भारत में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की खोज करते हुए।

मैं भारत के हर एक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में गया हूँ। मिजोरम से लक्षद्वीप तक। और मैंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि मैं पूरे भारत को देखना चाहता था।

भारत मेरा जुनून है।

और अगर मैं परिचित लग रहा हूँ तो, नहीं, मैं PewDiePie नहीं हूँ, लेकिन आपको याद होगा कि पिछले साल मैंने दिल्ली प्लाज्मा क्लिनिक को दो बार प्लाज्मा दान किया था।

या हाल ही में, आपने मेरा वायरल वीडियो देखा होगा जहां मैं भारत को ट्रोल करने वाले किसी व्यक्ति को बहुत ही सरलता और मधुर तरीके से जवाब देता हूँ “जय हिन्द”।

भारत में COVID होने के बाद, मैं दो बार प्लाज्मा दान करने गया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी ने उसके बारे में ट्वीट भी किया।

मेरी पत्नी और परिवार

Karl Rock and Manisha Malik wedding photo.
डीसीएम कार्यालय (उत्तर-पश्चिम दिल्ली) में हमारी शादी में हमारा परिवार।

मेरी पत्नी का नाम मनीषा मलिक है। हम अक्टूबर 2014 में दिल्ली में मिले थे और हमने अप्रैल 2019 में शादी की।

मेरे ससुर का घर हांसी, हरियाणा में है और मेरी सास का गाँव राजस्थान के चुरू जिले में है।

मैं अपने परिवार से बहुत प्यार करता हूँ और उन्हें बहुत याद करता हूँ। इतने दिनों तक उनसे दूर रहना बहुत मुश्किल है।

Manisha’s touching and inspiring story about growing up with vitiligo.

तो आखिर हुआ क्या?

मैं दुबई और पाकिस्तान की यात्रा करने के लिए अक्टूबर 2020 में भारत से जाने लगा।

जब मैं नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से निकला तो उन्होंने मेरा वीजा रद्द कर दिया। उन्होंने मुझे यह नहीं बताया कि वे मेरा वीजा क्यों रद्द कर रहे हैं।

इसलिए, जब मैं दुबई वापस आया तो मैंने नए वीज़ा के लिए आवेदन किया और आश्चर्यजनक रूप से उन्होंने मुझे दुबई में भारतीय उच्चायोग में बुलाया। और उन्होंने मुझे व्यक्तिगत रूप से बताया कि, “कार्ल आपको ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है और हम आपको भारत वापस जाने के लिए वीजा जारी नहीं कर सकते।”

तब से, मनीषा और मैं सरकार के साथ मिलकर इसे सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। क्या हुआ, क्यों हुआ, हम इसे कैसे ठीक कर सकते हैं, इस बारे में उनसे बात करने की कोशिश कर रहे हैं।

हमने गृह मंत्रालय को कई ईमेल लिखे हैं। लेकिन कोई जवाब नहीं।

मेरी पत्नी दिल्ली में गृह मंत्रालय के दरवाजे पर गई। कोई मदद नहीं, बस नजरअंदाज कर दिया।

मैंने यहां वेलिंगटन में महामहिम, भारतीय उच्चायुक्त को भी लिखा। पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया। यहां तक ​​कि जब मैं वेलिंगटन में उच्चायोग में मदद मांगने पहुंचा तो भी कुछ नहीं हुआ।

मैंने एक अनुवर्ती मेल भेजा, जिसमें कहा गया था, “कृपया मदद करें।” उसे भी नजरअंदाज कर दिया गया।

बिलकुल नजरअंदाज कर दिया गया।

और उस समय, मेरी पत्नी को दूसरी बार COVID हुआ था और मैंने उसकी COVID पॉजिटिव रिपोर्ट दिखाई और कहा , “कृपया मेरी मदद करें। मुझे अपनी पत्नी के पास वापस जाना है।”

बस पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया। परवाह ही नहीं की गयी।

और उस दौरान, मैं उसके लिए बहुत चिंतित था। जब मार्च 2020 में मुझे COVID हुआ तो उसने मेरी देखभाल की। आप सभी ने मेरे वीडियो से देखा है।

मुझे बहुत बुरा लगता है क्योंकि जब उसे मेरी जरूरत थी मैं उसके लिए नहीं था। जब भारत की दूसरी लहर के दौरान दूसरी बार उसे गंभीर रूप से COVID हुआ था।

और इस दौरान मैं बहुत चिंतित था क्योंकि जिस अस्पताल में हम जाते हैं, उसी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से 25 लोगों की मौत हो गई।

जहाँ मैं और मनीषा जाते हैं, उस अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के कारण 25 लोगों की मौत हो गई। यह तब हो रहा था जब मेरी पत्नी को दूसरी बार COVID हुआ था।

तो हमारे साथ यही हो रहा है, मैं भारत वापस आने की कोशिश कर रहा हूँ। हम सरकार में हर किसी से मदद मांगने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हर बार हमें नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है।

यहां तक ​​कि यहां न्यूजीलैंड में उच्चायोग के द्वारा भी।

अब, आप सोच रहे होंगे, “कार्ल आपके पास यूरोपीय पासपोर्ट है, आपके पास न्यूज़ीलैंड का पासपोर्ट है। आप लोग कहीं भी जाकर रह सकते हैं – आप और मनीषा।” लेकिन बात यह है कि हम कहीं और नहीं रहना चाहते। हम दोनों भारत से प्यार करते हैं और यहीं रहना चाहते हैं।

मेरी पत्नी ने अपने जीवन के छह वर्ष सिविल सेवा परीक्षाओं के लिए अध्ययन करते हुए बिताए। भारत के प्रति उसके प्रेम का यह स्तर है।

वह सही मायने में एक राष्ट्रवादी हैं और भारत और भारतीय संस्कृति के लिए उसका प्यार कुछ ऐसा है जो मुझे उनके बारे में बहुत पसंद है।

इसलिए भारत सरकार की उसे देश छोड़ने के लिए मजबूर करने की कोशिश करना बहुत गलत है क्योंकि, उसे मेरे साथ रहने की जरूरत है। हमें साथ रहने की ज़रूरत है, हम शादीशुदा हैं, है ना?

यह बहुत ही गलत है।

और, मुझे, मेरे परिवार से निर्वासित किया जा रहा है, जो कि मेरे लिए

बहुत मुश्किल है, आप कल्पना कर सकते हैं। इस सब ने मुझ पर काफी असर डाला है। शुरुआत में मुझे पैनिक अटैक हुआ करते थे।

मुझे ऐसा लगता था कि पानी ऊपर आ रहा है और मैं डूब रहा हूँ। क्योंकि मेरे परिवार के पास वापस आने के लिए मैं कुछ भी नहीं कर सकता। और इस सब की वजह से मैं बहुत, बहुत दुखी था।

सोचिये कि आप भारत सरकार के खिलाफ खड़े हों। बहुत ही सख्त और मजबूत सरकार। मैंने अपने कंधों पर इतना भार पहले कभी महसूस नहीं किया। मैंने कभी इतना दबाव महसूस नहीं किया। और यह बहुत ज़्यादा है।

लेकिन… अगर एक हरियाणवी परिवार का हिस्सा होने से मैंने कुछ सीखा है तो वह है बहादुर होना और डटे रेहना। तो हम लड़ेंगे। और मैं भारत वापस आऊंगा।

मुझे ब्लैकलिस्टेड क्यों किया गया?

अब एक सवाल जिसका जवाब मेरे साथ साथ हर कोई जानना चाहता है, “मुझे ब्लैकलिस्ट क्यों किया गया?”

और यह मुझे भी नहीं पता। पिछले आठ महीनों से हम सरकार से यही सवाल पूछ रहे हैं। लेकिन वह हमें नज़रअंदाज़ कर रहे हैं।

किसी को ब्लैकलिस्ट करने से पहले उन्हें जवाब देने का अधिकार और जवाब देने का समय दिया जाना चाहिए। जो कि मुझे नहीं दिया गया।

इसलिए आज हम हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रहे हैं। मेरा नाम ब्लैकलिस्ट से हटाने की मांग कर रहे हैं। दिल्ली उच्च न्यायालय में।

और मैं भारतीय न्यायपालिका प्रणाली के लिए बहुत आभारी महसूस कर रहा हूँ क्योंकि मुझे और मनीषा को सरकार ने पूरे समय नज़रअंदाज़ किया है। न्यायपालिका के अलावा हमारे पास कोई सहारा नहीं है। इसलिए मैं उनके लिए बहुत आभारी हूँ और और उम्मीद करता हूँ कि वे इस सब की समीक्षा करेंगे और उचित फैसला देंगे।

इस सब के बीच, मुझे बस एक ही खेद है। यह सारी चिंता और तनाव जो मैंने अपनी पत्नी, सास-ससुर और परिवार पर डाला है। तो कृपया मुझे क्षमा करें। मुझे माफ कर दो।

कृपया हमारी कृपया हमारी सहायता करेंकरें

अगर आप मनीषा और मेरी मदद करना चाहते हैं, तो कृपया जाकर हमारी याचिका पर हस्ताक्षर करें

कृपया हमारी याचिका पर हस्ताक्षर करें ताकि मैं घर लौट सकूं।

आगे क्या?

मैं बस उस पल का इंतजार कर रहा हूँ जब मैं दिल्ली और हरियाणा में वापस आ सकूँ और मेरे परिवार के साथ फिर से रह सकूँ।

इस बीच हम नेपाल, पाकिस्तान या बांग्लादेश में मिलने की कोशिश करेंगे। जब तक मैं भारत वापस नहीं आ जाता, तब तक हमें यही करना होगा।

जय हिन्द।

By Karl Rock

Karl Rock is a Hindi speaking expat who left his career and life behind in New Zealand to take viewers behind the scenes of incredible India.

6 replies on “पिछले २६९ दिनों में मैं अपनी पत्नी से क्यों नहीं मिला #ब्लैकलिस्ट”

Pls pls help him he is just suffering
We have to make sure that he just meet his wife ASAP people pls raise your voice

We need Karl rock back india, government can’t do such without any information . He need her family at this stage . #Bringrockback

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